BDO ऑफिसर कैसे बने | योग्यता | सिलेबस | सैलरी | पूरी जानकारी – हिंदी में

BDO ऑफिसर से सम्बन्धित पूरी जानकारी

बीडीओ को अंग्रेजी में Block Development Officer और हिंदी में प्रखंड विकास अधिकारी या ब्लॉक विकास अधिकारी कहते है | जन कल्याण के लिए जन विकास से सम्बंधित योजनाए विकास खंड और सामुदायिक विकास केंद्र के सहयोग से चलायी जाती है | इसके कार्यालय को सामुदायिक विकास केन्द्र कहते है | विकास खंड का आयोजन कई पंचायतो को मिलाकर किया जाता है | ब्लाक स्तर के सभी कार्य इसी के संरक्षण में होते है | ब्लाक में यह अधिकारी सबसे उच्च पद पर होता है, जो ब्लाक के अंतर्गत आने वाली सभी ग्राम सभाओं के लिए कार्य निर्माण का कार्य करवाता है तथा उसकी निगरानी भी करता है | यदि आप खंड विकास अधिकारी बनना चाहते है तो आपको इस पेज पर BDO ऑफिसर कैसे बने, योग्यता, सिलेबस, सैलरी, पूरी जानकारी – हिंदी में यहाँ पर दी जा रही है |

बीडीओ बननें की योग्यता (Eligibility)

खंड विकास अधिकारी (BDO) बननें के लिए पात्र को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या परा-स्नातक की डिग्री प्राप्त होना आवश्यक होता है, तभी वह इस पद के लिए आवेदन कर पायेगा |

बीडीओ बननें हेतु आयु सीमा (Age Limit)

खंड विकास अधिकारी बनने के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष से 40 वर्ष के मध्य निर्धारित की गई है | आरक्षित वर्ग के लिए सरकारी नियमानुसार छूट दी गयी है ओबीसी (OBC) श्रेणी के लिए तीन वर्ष की छूट और एससी/एसटी (SC/ST) वर्ग के लिए 5 वर्ष की छूट प्रदान की गई है | सामान्य वर्ग के उम्मीदवार 21 वर्ष से कम अथवा 40 वर्ष से अधिक होने पर आवेदन नहीं कर सकते है |

BDO पद के लिए चयन प्रक्रिया (Selection Process)

खंड विकास अधिकारी के पद का चयन लिखित परीक्षा ( Written Exam)  और साक्षात्कार (Interview) के माध्यम से किया जाता है | लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही आवेदक को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है|

प्रारंभिक परीक्षा (Pre Exam)

आवेदक के लिए लोक सेवा आयोग के द्वारा परीक्षा का आयोजन किया जाता है | इस परीक्षा में सम्मिलित होना होता है | इस परीक्षा में 2 पेपर होते है | प्रत्येक पेपर की समयावधि 2 घंटे होती है | जिसमे जनरल स्टडीज से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते है |

पहले पेपर में 150 प्रश्न पूछे जाते है | 200 अंको का प्रश्नपत्र होता है | दूसरे पेपर में 100 प्रश्न पूछे जाते है ये भी 200 अंको का होता है | इसमें सीएसटी (CST) से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते है |

प्रारंभिक परीक्षा के लिए  पाठ्यक्रम (1 पेपर जनरल स्टडीज)

सामान्य विज्ञान,तार्किक प्रश्न और गणित के विषय में प्रश्न किये जाते है | देश – विदेश की घटनाओ, वर्त्तमान घटनाओ, विश्व के भूगोल और इतिहास से सम्बंधित प्रश्न,राजनीति, प्रशासन , राजनीतिक प्रणाली, पंचायती राज, सार्वजनिक नीति,जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र की पहल ,पर्यावरण पारिस्थितिकी, जैव-विविधता , आर्थिक और सामाजिक विकास-सतत विकास, गरीबी आदि से सम्बंधित प्रश्न होते है |

प्रारंभिक परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम (2 पेपर सीएसएटी)

तर्क और विश्लेषणात्मक क्षमता से सम्बंधित प्रश्न

  1. समस्या सुलझाना एवं निर्णय लेने से सम्बंधित प्रश्न
  2. हाईस्कूल स्तर पर सामान्य अंग्रेजी
  3. हाईस्कूल स्तर पर सामान्य हिंदी
  4. हाईस्कूल स्तर पर सामान्य गणित
  5. मानसिक क्षमता से सम्बंधित प्रश्न

मुख्य परीक्षा (Mains Exam)

जब अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में सफल हो जाता हैं तब  उसके बाद ही अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में प्रवेश लेता है मुख्य परीक्षा में केवल वही उम्मीदवार भाग लेते हैं जो प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित हो चुके होते है । मुख्य परीक्षा को पास करने के लिए आपको काफी मेहनत करनी होती है। यह परीक्षा भी लिखित रूप में होती है | इस परीक्षा में चार प्रश्नपत्र होंते है, अभ्यर्थी द्वारा चुनें गये दो वैकल्पिक विषयों के चार प्रश्नपत्र होते है, इसमें अनिवार्य प्रश्नपत्र में सामान्य हिंदी और निबंध के लिए 150-150 अंक के दो प्रश्नपत्र होते है और सामान्य अध्ययन के दो प्रश्नपत्र 200-200 अंकों के होते है दोनों प्रश्नपत्रों में वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न पूछे जाते है |

1 – पेपर में प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक भारत के इतिहास,भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन, भारतीय संस्कृति, जनसंख्या, पर्यावरण और शहरीकरण, भारत की भूगोल और इसके प्राकृतिक संसाधन, भारतीय कृषि, व्यापार, वाणिज्य  आदि से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते है |

2- पेपर में भारतीय राजनीति, भारतीय अर्थव्यवस्था,सामान्य विज्ञान, सामान्य मानसिक क्षमता, सांख्यिकीय विश्लेषण, आलेख और आरेख और भारतीय राजनीति से संबंधित, भारतीय संविधान में राजनीतिक व्यवस्था से सम्बंधित प्रश्न पूछें जाते है|

साक्षात्कार (Interview)

जब अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा दोनों में सफल घोषित हो जाता है तो फिर उसे  साक्षात्कार के लिए  बुलाया जाता है| साक्षात्कार में अधिकारियो के द्वारा प्रश्न पूछे जाते है इसमें अधिकतम 100 नंबर के सवाल पूछे जाते है जिसमें अभ्यर्थी की योग्यता और तर्क शक्ति का अनुमान लगाया जाता है, आपके प्रदर्शन के अनुसार अधिकारियो के द्वारा चयन चयन होता है, इसके बाद लोक सेवा आयोग द्वारा एक सूची तैयार की जाती है सूंची के अनुसार चुने गए अभ्यर्थी को खंड विकास अधिकारी पद पर नियुक्त किया जाता है ।

बीडीओ पद के लिए वेतन (Salary)

खंड विकास अधिकारी का  मासिक वेतन 9300 से 38000 रूपए तक होता है। साथ ही सरकार द्वारा अन्य बहुत सी सुविधाएं भी दी जाती है। जिसका कोई शुल्क नही देना होता है यह सुविधाएं सरकार की तरफ से फ्री में दी जाती है।

बीडीओ के कार्य (Work Of BDO)

बीडीओ का काम अथॉरिटी और दूसरे अधिकारियों द्वारा मान्य योजनाये और कार्यक्रम को सही से किया जा रहा है इसका निरिक्षण करना होता है।  पंचायत समिति फंड से पैसे निकलकर उन पैसो को योजना के अनुसार पंचायत में बाटना, पंचायत समिति के द्वारा दिये गए सभी दस्तावेजों और कागजो को चेक करके उस पर हस्ताक्षर करना तथा पंचायत समिति एकाउंट में किसी तरह की हेराफेरी होने पर उसको सही करने के लिए बीडीओ कोई भी निर्णय ले सकता है | पंचायत से सम्बंधित कार्य खंड विकास अधिकारी के अंतर्गत आते है |

उपरोक्त दी गयी जानकारी के अनुसार आप खंड विकास अधिकारी के पद के लिए आवेदन कर सकते है|