एनआईए (NIA) क्या है | फुल फॉर्म | कार्य | अधिकार | कार्य क्षेत्र | पूरी जानकारी

एनआईए (NIA) से सम्बन्धित जानकारी

आतंकवाद भारत ही नहीं बल्कि यह विश्व के लगभग देशों के लिए एक बड़ी समस्या है| इस समस्या से निपटनें के लिए सभी देश अपनी-अपनी रणनीति के अनुसार नियम, कानून बनाकर इसे जड़ से समाप्त करनें का हर संभव प्रयास कर रहे है| वर्ष 2008 में भारत के मुंबई हमले नें पूरे देश को झकझोर कर रख दिया | इस आतंकी हमले को देखते हुए भारत सरकार नें 31 दिसंबर 2008 को एनआईए (NIA) का गठन किया | यह एजेंसी राज्यों की विशेष अनुमति के बिना देश भर में किसी भी आतंकवाद संबंधित मामले की जांच करने के लिए अधिकृत है| हालांकि राज्य सरकार, केंद्र सरकार से मामले की जांच NIA को सौंपने का अनुरोध कर सकती है| आईये जानते है एनआईए (NIA) क्या है, इसका फुल फॉर्म, कार्य और करियर के बारें में पूरी जानकारी|

एनआईए फुल फॉर्म (NIA Full Form)

एनआईए का फुल फॉर्म राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण है, जिसे राष्ट्रीय जाँच एजेंसी के नाम से जाना जाता है। इसे अंग्रेजी में National Investigation Agency- NIA (नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी) कहा जाता है| इस एजेंसी का गठन राष्ट्रीय जाँच एजेंसी अधिनियम, 2008 के तहत किया गया था।

एनआईए क्या है (What Is NIA)

26 नवंबर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के बाद आतंकवाद और अन्य आपराधिक कृत्यों की जाँच के लिये भारत सरकार नें एक राष्ट्रीय जाँच एजेंसी अर्थात एनआईए का गठन किया | इस एजेंसी के गठन का मुख्य उद्देश्य आतंकवादी गतिविधियों को रोकनें के साथ ही उन पर नजर बनाये रखना है|  इस जांच एजेंसी को आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही देश की एकता और अखंडता को चुनौती देने की कोशिश, बम ब्लास्ट करने की साजिश, हवाई जहाज या पानी के जहाज का अपहरण करने की कोशिश, परमाणु संयंत्रों पर हमला करने की कोशिश पर कार्रवाई करने का अधिकार है| इस एजेंसी को अपनी कार्रवाई करने के लिए किसी राज्य सरकार से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होती है| राज्य सरकारें भी किसी मामले में केंद्र सरकार से सिफारिश कर इसकी जांच एनआईए से करवा सकती है|

एनआईए के कार्य (NIA Works)

  • आतंकवाद से संबंधित मामलों की जांच करनें के साथ ही आतंकवाद का मुकाबला करने अर्थात उससे निपटनें के लिए एक बेहतर की रणनीति बनाना|
  • विश्व के अन्य देशों में आतंकवाद से संबंधित कानूनों का अध्ययन और विश्लेषण करना और नियमित रूप से भारत में मौजूदा कानूनों की प्रभावकारिता का मूल्यांकन करना और आवश्यकतानुसार नियमों में संशोधन हेतु प्रस्ताव करना|
  • भारत की संप्रभुता, सुरक्षा, अखंडता और राज्य की सुरक्षा को नुकसान पहुँचाने वाले अपराधियों की जांच करना और उन पर मुकदमा चलाना|
  • विदेशी राज्यों और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाना|
  • अंतर्राष्ट्रीय संधियों, समझौतों, सम्मेलनों और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों, इसकी एजेंसियों और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की संधियों को लागू करवाना|

एनआईए का लक्ष्य (NIA’s Goal)

  • किसी भी प्रकार की जाँच के लिए नए वैज्ञानिक साधनों का उपयोग करते हुए सूचीबद्ध अपराधों की गहन पेशेवर जाँच से निष्कर्ष तक पहुचना|
  • किसी भी प्रकरण की जानकारी होनें पर प्रभावी और त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करना।
  • एनआईए अधिनियम के कानूनी प्रावधानों का अनुपालन करने के दौरान राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों तथा अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखना।
  • आतंकवादी मामलों की जाँच में सभी राज्यों और अन्य जाँच एजेंसियों की सहायता करना।
  • आतंकवाद से संबंधित सभी सूचनाओं का डेटाबेस बनाना और उपलब्ध डेटाबेस को राज्यों तथा अन्य एजेंसियों के साथ साझा करना।

एनआईए द्वारा सूचीबद्ध अपराध (Scheduled Offences BY NIA)

इस अधिनियम के अंतर्गत अपराधों की एक सूची बनाई गई है जिन पर NIA जाँच कर सकती है और मुकदमा चला सकती है। इस सूची में परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 (Atomic Energy Act, 1962) और गैर-कानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम, 1967 (Unlawful Activities Prevention Act, 1967) जैसे अधिनियमों के तहत सूचीबद्ध अपराध शामिल हैं।

एनआईए का कार्य क्षेत्र (Area of ​​NIA)

केंद्र सरकार द्वारा एनआईए को NIA अधिनियम, 2008 की धारा VI के अनुरूप मामले सौंपे जाते हैं, एजेंसी इन मामलों की जाँच स्वतंत्र रूप से करती है। जाँच के उपरांत मामलों को एनआईए की विशेष न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। गैर कानूनी गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम, 1967 (UAPA) तथा कुछ सूचीबद्ध अपराधों के तहत अभियुक्तों पर मुकदमा चलाने के लिये एजेंसी को केंद्र सरकार की स्वीकृति लेनी होती है। UAPA के अंतर्गत यह स्वीकृति अधिनियम की धारा 45 (2) के तहत गठित ‘प्राधिकरण’ की रिपोर्ट के आधार पर दी जाती है।

एनआईए का क्षेत्राधिकार (Jurisdiction of NIA)

  • राष्ट्रीय जाँच एजेंसी के अधिकारियों को पूरे देश में ऐसे अपराधों की जाँच करने के संबंध में अन्य पुलिस अधिकारियों के समान ही शक्तियाँ प्राप्त हैं।
  • राष्ट्रीय जाँच एजेंसी या एनआईए को भारत के बाहर घटित ऐसे सूचीबद्ध अपराधों की जाँच करने का अधिकार प्राप्त है, जो अंतर्राष्ट्रीय संधियों और अन्य देशों के घरेलू कानूनों के अधीन हैं।
  • सेंट्रल गवर्नमेंट एनआईए को ऐसे मामलों की जाँच के निर्देश दे सकती है जो भारत में ही अंजाम दिये गए हों। ऐसे मामलों पर नई दिल्ली स्थित विशेष न्यायालय का न्यायाधिकार होगा।

नियमों में संशोधन की जानकारी (Knowledge Of Amendment in Rules)

वर्ष 2008 के मूल अधिनियम में संशोधन करते हुए संसद द्वारा राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (संशोधन) विधेयक, 2019 पारित किया गया। इस विधेयक में NIA को अतिरिक्त आपराधिक मामलों की भी जाँच करने की अनुमति देने का प्रावधान है, जो इस प्रकार है-

  • प्रतिबंधित हथियारों का निर्माण या बिक्री|
  • जाली मुद्रा या बैंक नोटों से संबंधित अपराध|
  • विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 के तहत अपराध।
  • साइबर आतंकवाद|

एनआईए का मुख्यालय और क्षेत्रीय शाखाएं (NIA Headquarters and Regional Branches)

एनआईए का मुख्यालय दिल्ली है, और इसके क्षेत्रीय कार्यालय इस प्रकार है-

  1. लखनऊ
  2. मुंबई
  3. कोलकाता
  4. हैदराबाद
  5. गुवाहाटी
  6. रायपुर
  7. जम्मू 
  8. कोचि