NATO क्या है ? नाटो का पूरा नाम क्या है ?  | नाटो में कितने सदस्य देश है ?

नाटो के सदस्य देशों से सम्बंधित जानकारी

नाटो पूरे विश्व का एक विशाल सैन्य गठबंधन है, जो तक़रीबन पूरी दुनिया में मौजूद है| क्षेत्रीय संधि व् सदस्य देशो के बूते पर अमेरिका इस संगठन का सबसे बड़ा सदस्य है, तथा 200 सैनिको वाला आइसलैंड देश नाटो का सबसे छोटा सदस्य है| विश्व युद्ध जैसी घटनाओ से चिंतित पूरी दुनिया भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो इसके लिए कई देशो के विद्वानों ने मिलकर संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की|

इस संगठन को शक्ति प्रदान करने के लिए कई देशो ने अपनी सेनाओ को साझा कर एक शक्तिशाली सैन्य संगठन तैयार किया, ताकि देश नियमो के विपरीत कार्य करने वालो पर सख्त कार्यवाही की जा सके| यदि आपको अभी तक नाटो के बारे में जानकारी नहीं थी, तो इस लेख में आपको नाटो (NATO) क्या है, नाटो का फुल फॉर्म क्या है, तथा नाटो में कितने सदस्य देश है, इसके बारे में विस्तार से बताया जा रहा है|

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नाटो का फुल फॉर्म (NATO Full Form)

NATO एक अंतर्राष्टीय संगठन है, जिसमे कई देशो के सदस्यों का समूह शामिल है| नाटो का हिंदी में पूरा नाम ‘उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन’ है| इसके अलावा अंग्रेजी भाषा में इसे NATO – ‘North Atlantic Treaty Organization’ कहते है| इसका मुख्यालय (Headquarters) बेल्जियम देश के ब्रुसेल्स शहर में स्थित है|

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नाटो क्या है (NATO)

नाटो उत्तरी अमेरिका और यूरोप का एक राजनैतिक साझेदारी वाला शक्तिशाली सैन्य संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 1949 में की गई थी| द्वितीय विश्वयुद्ध पश्चात् सगंठित इस संगठन का उस दौरान पहला मुख्य उद्देश्य सोवियत संघ को फैलने से रोकना और उसके बढ़ते हुए दायरे को सिमित करना| यूरोपीय महाद्वीप में राजनीतिक एकता को बरक़रार रखने के लिए अमेरिका ने नाटो का इस्तेमाल यूरोप में पनप रहे राष्ट्रवादी विचारो को समाप्त करने के लिए किया|

किन्तु वर्ष 1947 में ब्रिटेन और फ़्रांस के मध्य हुई संधि से नाटो की शुरुआत हो चुकी थी| यह संधि द्वितीय विश्वयुद्ध के पश्चात् जर्मनी की और से होने वाले हमले का सामना करने के लिए की गई थी| वर्ष 1949 में नाटो में सिर्फ 12 संस्थापक सदस्य देश अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, ब्रिटेन, डेनमार्क, बेल्जियम, इटली, लक्जमबुर्ग, नॉर्वे, नीदरलैंड्स, पुर्तगाल और आइसलैंड देश शामिल थे| नाटो द्वारा स्थापित किये गए शक्तिशाली सैन्य संगठन उस स्थिति में कार्य करता है, जब कोई गैर नाटो संस्था का सदस्य किसी नाटो से जुड़े सदस्य के देश पर हमला कर रहा हो| इस दौरान संस्था के बाकी सदस्य हमला झेल रहे देश को राजनितिक व् सैन्य के माध्यम से सहायता व् सुरक्षा प्रदान करते है|

साझा सुरक्षा की विशेष जानकारी घोषणापत्र के अनुच्छेद 5 में बताई गई है| इसमें यह कहा गया है, कि यदि कोई देश उत्तरी अमेरिका या यूरोप के रहने वाले किसी एक या एक से अधिक सदस्यों पर हथियार से हमला करता है, तो यह समझा जायेगा कि उसके सभी पर हमला किया| इसके अलावा हथियारबंद हमला होने की स्थिति में संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र के अनुच्छेद 51 के मुताबिक एक या एक से अधिक सदस्य मिलकर आपस में बातचीत कर हमला झेल रहे सदस्य की जरूरत पड़ने पर उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र की सुरक्षा को कायम रखने के लिए सैन्य सहायता के साथ कार्यवाही कर सकते है|

वर्ष 2001 में जब अमेरिका पर 9/11 का हमला हुआ था, तब एक बार अनुच्छेद 5 का इस्तेमाल किया गया था| NATO में राजनैतिक मामलो के निवारण के लिए उत्तरी अटलांटिक काउंसिल और न्यूक्लियर स्ट्रैटजी बनी हुई है, वही सैन्य गतिविधियों के कार्यभार के लिए मिलिट्री कमेटी स्थापित है, जिसका स्वयं का कमांड सेंटर है|

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नाटो के उद्देश्य (NATO Objectives)

  • नाटो का आरम्भ यूरोप में बढ़ रही सोवियत संघ की साम्यवादी विचारधाराओ को रोकने के लिए किया गया था|
  • राजनितिक व् सैन्य बल के माध्यम से अपने संबंधित सदस्य के राष्ट्र को सुरक्षा और स्वतंत्रता की गारंटी देना है|
  • वर्तमान और भविष्य के खतरों का सामना करने के लिए अनुकूल उपकरणों व् हथियारों के निर्माण को प्रोत्साहित करना है|
  • संगठन से जुड़े देशो के मध्य एकजुटता और सामंजस्य को स्थापित करना|
  • यूरोप में लोकतंत्र, व्यक्तिगत स्वतंत्रता, मानव अधिकार व् कानून प्रशासन के मूल्यों के आधार पर शांति सुनिश्चित करना|
  • नाटो से जुड़े सदस्य देशो के क्षेत्र की रक्षा व संकट को दूर करने का प्रयास करना|
  • संगठन से जुड़े किसी भी सदस्य को राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में अपने पूरी क्षमता लगाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है|
  • अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले नए खतरों से बचने के लिए सामूहिक रक्षा के साथ – साथ सहकारी सुरक्षा को भी प्रोत्साहित किया जाता है|
  • समुद्र या उससे संभावित खतरों से बचने के लिए भी अपने सहयोगियों से रक्षा की मांग कर सकते है|
  • आतंकवाद का विरोध करना|

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नाटो की स्थापना क्यों हुई (NATO Established)

द्वितीय विश्वयुद्ध समाप्त हो चुका था| इसके बाद भी पूर्वी यूरोप से सोवियत संघ ने अपनी सेना को हटाने से इंकार कर वर्ष 1948 में  बर्लिन की नोकबंदी कर अंतर्राष्ट्रीय संधियों का उल्लंघन किया| सोवियत संघ के इस बर्ताव से अमेरिका सहित यूरोप के अन्य देशों में हलचल हुई की कही सोवियत संघ वहां पर साम्यवादी शासन को न स्थापित कर दे| इसी वजह से अमेरिका ने एक ऐसे संगठन की स्थापना की जो सोवियत संघ के उल्लंघन से पश्चमी देशो को बचा सके| अमेरिका ने 4 अप्रैल, वर्ष 1949 को वांशिगटन में NATO की स्थापना की थी|

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नाटो में कितने सदस्य देश है (NATO Countries Member)

नाटो संगठन में आरम्भ में 12 देशो ने हिस्सा लिया और अपने हस्ताक्षर किए| इसके बाद भी समय – समय पर अन्य देश इस संगठन का हिस्सा बनते रहे है| जिनकी वर्तमान समय में संख्या 30 तक हो चुकी है| NATO  में शामिल होने वाले देशो की सूची व् वर्ष इस प्रकार है :-

  • बेल्जियम (1949)
  • कनाडा (1949)
  • डेनमार्क (1949)
  • फ्रांस (1949)
  • आइसलैंड (1949)
  • इटली (1949)
  • पुर्तगाल (1949)
  • यूके (1949)
  • यूएस (1949)
  • नॉर्वे (1949)
  • नीदरलैंड्स (1949)
  • लक्जमबर्ग (1949)
  • तुर्की (1952)
  • ग्रीस (1952)
  • जर्मनी (1955)
  • स्पेन (1982)
  • पोलैंड (1999)
  • चेक गणराज्य (1999)
  • हंगरी (1999)
  • बुल्गारिया (2004)
  • एस्टोनिया (2004)
  • स्लोवेनिया (2004)
  • लात्विया (2004)
  • लिथुआनिया (2004)
  • रोमानिया (2004)
  • स्लोवाकिया (2004)
  • अल्बानिया (2009)
  • क्रोएशिया (2009)
  • मोंटेनेग्रो (2017)
  • नॉर्थ मेसेडोनिया (2020)

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