फार्मासिस्ट (Pharmacist) कैसे बने | योग्यता, कार्य, अधिकार – कोर्स व फ़ीस की जानकारी

फार्मासिस्ट (Pharmacist) की जानकारी

फार्मासिस्ट को औषधि विक्रेता या भेषजज्ञ भी कहते है | इसके अलावा सामान्य भाषा फार्मासिस्ट को  केमिस्ट भी कहा जाता है |  चिकित्सा का क्षेत्र बहुत विस्तृत क्षेत्र है इस क्षेत्र में जाने वाले अभ्यर्थियों के लिए डॉक्टर , नर्स आदि के साथ ही फार्मासिस्ट का भी विकल्प खुल जाता है | चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनानें हेतु फार्मासिस्ट बनने का विकल्प बेहतर आप्शन है इसके लिए आपको फार्मेसी का कोर्स करना होता है, चिकित्सा के क्षेत्र में फार्मासिस्ट की विशेष भूमिका होती है | चिकित्सा के क्षेत्र में फार्मासिस्ट का कार्य डॉक्टरों  द्वारा  लिखी गयी दवाओं को पढ़कर मरीजों को अस्पताल या स्वास्थ्य कार्य के अनुरुप मरीजों तक दवा उपलब्ध कराना होता है |  इसके अलावा मरीज को दवा उपलब्ध हुयी है ये  सुनिश्चित करना और  दवाओं की कमी की स्थिति जांचना और दवा की ख़रीद के लिए सूची तैयार करना इसका ही कार्य होता है| यदि आप भी फार्मासिस्ट (Pharmacist) बनकर चिकित्सा के क्षेत्र में अपना योगदान देना चाहते है तो यहाँ पर फार्मासिस्ट (Pharmacist) कैसे बने, योग्यता, कार्य, अधिकार – कोर्स व फ़ीस के बारे में जानकारी से अवगत कराया जा रहा है |

फार्मासिस्ट की योग्यता  

फार्मासिस्ट बनने के लिए आवश्यक है  कि किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से विज्ञान विषयों (फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं बॉयोलॉजी या गणित) के साथ इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की हो |  इसके अलावा किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से फार्मेसी में डिप्लोमा (एलोपैथिक) किया हो |  फार्मासिस्ट बनने के लिए डी फार्मा, बी फार्मा  (बैचलर आफ फार्मेसी) और एम फार्म (मास्टर आफ फार्मेसी) के कोर्स कर सकते है|

डी फार्मा (D Pharma)

D Pharma के अंतर्गत दवाओं की मैन्यूफैक्चरिंग करना , मार्केटिंग करना , दवाओं की क्वालिटी, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन करना इसके विषय में जानकारी दी जाती  है। डी .फार्मा कोर्स 2 वर्ष  का होता है। इस कोर्स को करने के  लिए PCM यानि कि विज्ञान के विषयों से या फिर PCB यानि की विज्ञान के साथ गणित विषय के साथ इंटरमीडिएट पास होना आवश्यक होता है। अलग- अलग संस्थाओ  में ‘डी फार्मा कोर्स’ की फीस अलग- अलग निर्धारित की गई है। इस कोर्स के लिए सरकारी संस्थाओ में  निर्धारित फीस लगभग 45 हजार रु तक  है। इसके अलावा प्राइवेट संस्थाओ  में  फीस 70 हजार से 1 लाख तक देनी होती है। आप  डी .फार्मा  कोर्स करने के पश्चात बी .फार्मा  का कोर्स कर सकते है, इसके लिए आपको बी .फार्मा के दूसरे वर्ष में प्रवेश दिया जाता है |

बी फार्मा (B Pharma)

B Pharma कोर्स करने के  लिए, छात्र को भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित अथवा बायोलॉजी विषय के साथ इंटरमीडिएट उत्तीर्ण  होना जरूरी होता है । इस कोर्स की अवधि 4 वर्ष की होती  हैं | इस कोर्स में दवाइयां बनाना उनका  परिक्षण  करना आदि फार्मेसी  से जुडी प्रत्येक जानकारी प्रदान की जाती हैं | जो लोग  दवाइयों के विषय में रूचि रखते हैं यह कोर्स उनके लिए सबसे अच्छा है | बी फार्मा एक स्नातक की डिग्री होती है| बी फार्मा कोर्स की फीस सरकारी स्कूल में 50 हजार और निजी संस्थानों में 2 से 3 लाख तक जमा करनी होती है |  

ऍम फार्मा (M pharma)

M pharma का पूरा नाम मास्टर ऑफ़ फार्मेसी होता है यह स्नातकोत्तर का  पाठ्यक्रम है | यह कोर्स बी फार्मा करने के बाद ही किया जाता है |  ऍम फार्मा कोर्स करने के लिए दिमागी विश्लेषण क्षमता अच्छी होनी चाहिए |साथ ही दवाओं में रूचि होना आवश्यक है |  एम.फार्मा कोर्स करने के लिए छात्र  को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से  50 प्रतिशत अंक प्राप्त होना जरूरी होता है|  ऍम फार्मा का कोर्स 2 वर्ष का होता है|  इस कोर्स को पूरा करने के बाद छात्र क्लिनिकली  रिसर्च , रिसर्च असिस्टेंट, फार्मासिस्ट आदि पद पर नौकरी कर सकता हैं| ऍम फार्मा की फीस लगभग 4 लाख रु तक होती है | ऍम फार्मा करने के बाद आप किसी विशेष फील्ड में स्पेशलिस्ट बन जाते है| इसके अलावा आप लेक्चरर के रूप में आप अपना करियर शुरू कर सकते है |

फार्मासिस्ट के लिए पाठ्यक्रम

फार्मासिस्ट के पाठ्यक्रम के अंतर्गत  अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान, संख्यात्मक योग्यता, रीजनिंग आदि विषयों पर अच्छी पकड़ होना आवश्यक है क्योकि प्रश्नपत्र में इससे सम्बंधित प्रश्न पूछें जाते है | इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत छात्र डी फार्मा या  चार वर्ष के बी फार्मा का कोर्स कर सकता  है|

फार्मासिस्ट की सैलरी

फार्मासिस्ट पद के लिए छठे वेतन आयोग के पे-बैंड 1 के अनुसार  रु. 5200-20200 और ग्रेड पे 2400 वेतन दिया जाता  रहा है इसके अलावा सरकार के  जिन संगठनों में सातवां वेतन आयोग लागू हो  चुका है वहां समकक्ष लेवल (लेवल-4: वेतन रु. 25500/-)  के अनुसार वेतन दिया जाता है|  संविदा के आधार पर  या फिर किसी प्राइवेट संसथान फार्मासिस्ट को रु. 20000 प्रति माह तक वेतन प्रदान किया जाता है| 

फार्मासिस्ट के कार्य

फार्मासिस्ट का कोर्स पूरा होने के बाद आपको मेडिकल स्टोर का लाइसेंस प्राप्त हो जाता है | जिसके पश्चात सरकारी अथवा  गैर सरकारी संस्थानों में नौकरी कर सकते है या फिर खुद का मेडिकल स्टोर भी डाल सकते है | सरकारी अथवा  प्राइवेट अस्पतालों एवं प्राइवेट क्लिनिक में आप फार्मासिस्ट की नौकरी कर सकते है | इसके अलावा आप   फार्मास्यूटिकल कंपनी में मैन्युफैक्चरिंग , पैकिंग , क्वालिटी  कण्ट्रोल , मार्केटिंग या  सरकारी संस्थानों में ड्रग  इंस्पेक्टर के पद पर कार्य करना होता है |

फार्मासिस्ट के लिए सरकारी नौकरी

फार्मासिस्ट का पद के लिए चयन  केंद्र सरकार और राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभागों के द्वारा किया है | सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, स्वास्थ्य संबंधी सरकारी योजनाओं में सरकार  द्वारा भर्ती की जाती है रिक्त पद  इन्हीं संस्थानों में समय-समय पर होती रहती हैं|  रिक्त पदों के बारे में भारत सरकार के प्रकाशन विभाग से प्रकाशित हो रहे  रोजगार समाचार या दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते है | इस प्रकार से आप फार्मासिस्ट का कोर्स करने के पश्चात विभिन्न चिकित्सीय क्षेत्रों में आप सरकारी या गैर सरकारी नौकरी प्राप्त कर सकते है |