डॉक्टर (Doctor) कैसे बने | योग्यता | सैलरी | कोर्स | पूरी जानकारी

डॉक्टर (Doctor) बनने से सम्बन्धित जानकारी

प्रत्येक छात्र अपनें जीवन में एक सफल इन्सान बनना चाहता है, और इसके लिए वह एक लक्ष्य निर्धारित करता है| वर्तमान समय में लगभग सभी छात्र यह पहले से ही निर्धारित कर लेते है, कि अपना करिया किस क्षेत्र में बनाना है| बहुत से छात्र आईएएस, पीसीएस, वकील, डॉक्टर आदि बनना चाहते है| यदि आप एक डॉक्टर बनना चाहते है, परन्तु इसके बारें में आपको जानकारी नहीं है, कि डॉक्टर (Doctor) कैसे बने ? इसके लिए योग्यता और कौन सा कोर्स करना पड़ता है, तो आपको यहाँ यह सभी जानकारी विस्तार से दे रहे है, जिसकी सहायता से आप एक डॉक्टर के रूप में अपना करियर आसानी से बना सकते है|  

डॉक्टर बननें हेतु योग्यता (Eligibility)

डॉक्टर बनने के लिए आपके पास 11वीं और 12वीं में पीसीबी अर्थात फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी  विषय होना आवश्यक है, और प्रत्येक विषय में कम से कम 50-60% अंक होने चाहिए।इसके साथ ही अंग्रेजी में पकड़ अच्छी होनी चाहिए। डॉक्टर बननें के लिए छात्र की आयु 17 होना अनिवार्य है| सबसे खास बात यह है कि डॉक्टर बनने के लिए बहुत ही कठोर परिश्रम करना होता है, यदि आप कठिन परिश्रम करनें में सक्षम है, तो इस क्षेत्र में आसानी से सफलता प्राप्त कर सकते है|  

डॉक्टर कैसे बने (How To Become A Doctor)

आज दुनिया में चिकित्सा की अनेक पद्धतियां हैं, परन्तु एलोपैथिक मेडिसिन इनमें से सबसे लोकप्रिय पद्धति है| यह चिकित्सा के क्षेत्र में सबसे वैज्ञानिक विधि और आधुनिक चिकित्सा प्रणाली है। इस पद्धति के अंतर्गत विभिन्न उपकरणों की सहायता से रोगी की जांच कर किसी परिणाम पर पहुंचा जाता है, उसके उपरान्त इलाज आरंभ किया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर आधुनिक उपकरणों की सहायता से सर्जरी भी की जाती है। इस विधि में दो तरह के डॉक्टर एक फिजिशियन और दूसरा सर्जन होते हैं। जहां फिजिशियन रोग से सम्बंधित विभिन्न प्रकार की दवाइयों से ईलाज करते है, जबकि सर्जन ऑपरेशन द्वारा रोगी का ईलाज करते है।

एमबीबीएस से सम्बंधित जानकारी (Information About MBBS)

एलोपैथिक डॉक्टर बनने के लिए बारहवीं-बॉयोलॉजी के बाद एमबीबीएस (MBBS) अर्थात बैचलर ऑफ मेडिसिन एवं बैचलर ऑफ सर्जरी की पढ़ाई करनी होती है। एमबीबीएस का कोर्स कि समय अवधि साढ़े चार वर्ष होती है, सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद किसी मेडिकल कॉलेज में एक वर्ष की इंटर्नशिप अनिवार्य रूप से करना होता है। इस प्रकार एमबीबीएस का कोर्स कुल साढ़े पांच वर्ष में पूरा होता है।

एमबीबीएस कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद एमसीआई (MCI) अर्थात मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा एक प्रशिक्षित और योग्य डॉक्टर के रूप में एमबीबीएस की डिग्री प्रदान की जाती है। MBBS कि डिग्री प्राप्त करने के चाहे तो सीधे प्रैक्टिस शुरू कर सकते है अथवा अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार एमडी, एमएस के रूप में पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स तथा उसके बाद रिसर्च कर सकते हैं। रिसर्च करने के बाद आप किसी मेडिकल कॉलेज या रिसर्च संस्थान में प्रैक्टिस के साथ-साथ टीचिंग भी कर सकते हैं।

एंट्रेंस एग्जाम (Entrance Exam)

डॉक्टर बननें के लिए आप बारहवीं कक्षा में आल इंडिया मेडिकल एग्जाम अथवा स्टेट लेवल के फॉर्म भर सकते है| आपको इस एंट्रेंस एग्जाम अर्थात प्रवेश परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना आवश्यक होता है, क्योंकि परीक्षा में प्राप्त इन्ही अंको के आधार पर आपको कॉलेज मिलेगा|

MBBS में एडमीशन लेने के लिए अखिल भारतीय स्तर और राज्य स्तर पर कई परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है| मेडिकल क्षेत्र में जानें के लिए आपको सीबीएससी बोर्ड द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट-यूजी) की परीक्षा उत्तीर्ण करके किसी मान्यता प्राप्त संस्था से एमबीबीएस की पढ़ाई करनी होती है ।

आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अर्थात एम्स जैसे बड़े संस्थान सीधे प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं, अखिल भारतीय स्तर पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन अर्थात सीबीएसई द्वारा प्रत्येक वर्ष आयोजित की जानी वाली आल इंडिया प्री-मेडिकल, प्री-डेंटल टेस्ट सबसे प्रमुख परीक्षा है, इसके अतिरिक्त कुछ अन्य मेडिकल एंट्रेंस आयोजित करने वाले प्रमुख संस्थानों के नाम इस प्रकार हैं –

  • आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज
  • उत्तर प्रदेश कम्बाइंड प्री-मेडिकल टेस्ट (सीपीएमटी)
  • गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी-दिल्ली
  • वर्धा मेडिकल कॉलेज-वर्धा, आम्र्ड फोर्स-पुणे

एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी हेतु महत्वपूर्ण जानकारी (Entrance Exam Prepration)

डॉक्टर बनने के लिए छात्रों को सबसे पहले एंट्रेंस एग्जाम में सफलता प्राप्त करना होता है|  मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम 10th और 12th के पाठ्यक्रम पर आधरित होती हैं,  इसलिए छात्रों को 12th के (PCB) तीनों विषयों का अध्यन गंभीरता पूर्वक करना चाहिए, और जैसे ही   इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा समाप्त होते ही मेडिकल परीक्षा से सम्बंधित पूर्व में पूछें गये प्रश्नों को  गंभीरता से हल करना प्रारम्भ करें और उनके प्रारूप को समझने का प्रयास करें, इसके अतरिक्त , सैंपल पेपर को भी निर्धारित समय में हल करने का निरंतर प्रयास करते रहें, उसके आधार पर अपना मूल्यांकन करें और अपनी कमजोरियों को पहचान कर उन्हें दूर करनें का प्रयास करे, तथा आवश्यकतानुसार किसी अच्छे कोचिंग संस्थान से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते है ।

भारत के प्रमुख मेडिकल कॉलेज (Major Medical Colleges of India)

  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)
  • क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लूर
  • जेआईपीएमईआर, पांडुचेरी
  • मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली
  • ग्रांट मेडिकल कॉलेज, मुंबई
  • मद्रास मेडिकल कॉलेज, चेन्नई
  • यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड जीटीबी हॉस्पिटल, दिल्ली
  • सेंट जॉन्स मेडिकल, कॉलेज बेंगलुरू