आरटीओ कैसे बने | RTO Officer Kaise Bane in Hindi | फुल फॉर्म | सैलरी | योग्यता | भर्ती

देश का अधिकतर नागरिक एक अच्छी और सरकारी नौकरी प्राप्त करना चाहता है, जिसके लिए अभ्यर्थी अधिक से अधिक परिश्रम भीकरते है, लेकिन कभी – कभी ऐसा होता है, कि अधिक मेहनत करने के बाद भी कुछ अभ्यर्थी सरकारी नौकरी प्राप्त करने में असफल हो जाते है और उन्हें बाद में कहीं प्राइवेट जॉब के लिए ही अप्लाई करना पड़ता है, लेकिन कुछ अभ्यर्थी प्राइवेट जॉब करने के साथ-साथ सरकारी नौकरी के लिए भी प्रयास करना नहीं छोड़ते  है | इसी तरह आरटीओ ऑफिसर की भी एक सरकारी नौकरी होती है, जिसे प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थियों को कठिन – कठिन से मेहनत करनी होती है, जिसके बाद ही अभ्यर्थी इस पद को प्राप्त करने में सफलता प्राप्त कर पाते है |

यह एक अच्छा और सम्मान जनक पद माना जाता है, जिसमें लोगों को सम्मान के साथ-साथ अच्छी सैलरी भी प्रदान की जाती है, तो आइये इस लेख में जानते है, कि आरटीओ कैसे बने (RTO Officer Kaise Bane in Hindi) तथा RTO फुल फॉर्म और सैलरी क्या है, इसके अलावा योग्यता और भर्ती के बारे में पूरी जानकारी दी जा रही है |

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आरटीओ कैसे बने (RTO Officer Kaise Bane) ?

आरटीओ ऑफिसर का यह पद वाहन से सम्बन्धित पद होता है, जिसमें काम करने वाले लोगों को वाहनों के पंजीकरण करवाना , ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने का काम , मोटर बीमा, और परिवहन वाहनों को फिटनेस का अनुदान प्रमाण पत्र प्रदान करना आदि प्रकार के कई कार्यों को बखूबी करना होता है | एक आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए अभ्यर्थियों को कई परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करना होता है, जिसके बाद ही अभ्यर्थियों को इस पद के लिए नियुक्त किया जाता है|

जब किसी को अपना ड्राइविंग लाइसेंस या फिर किसी भी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन करवाना होता है, तो प्रमुख रूप से ये सभी कार्यों की पूरी जिम्मेदारी एक आरटीओ ऑफिसर को ही सौंपी जाती है | आरटीओ ऑफिसर का यह पद एक सरकारी पद माना जाता है, क्योंकि  आरटीओ ऑफिस भी एक सरकारी संगठन होता है |

आरटीओ का फुल फॉर्म (RTO Full Form in Hindi)

आरटीओ का फुल फॉर्म “Regional Transport Officer” होता है, जिसका हिन्दी में उच्चारण “क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी” होता है। इसमें काम करने वाले कार्य कर्ताओं को अच्छी सैलरी के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाती है |

आरटीओ ऑफिसर की योग्यता  (RTO Officer Qualification)

  • आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए सबसे पहले अभ्यर्थी को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं या इसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक किया गया है |
  • अभ्यर्थी 12वी. कक्षा में किसी भी विषय का चुनाव करके परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकते है |

आरटीओ ऑफिसर बनने हेतु आयु सीमा (RTO Officer Age Limit)

आरटीओ ऑफिसर (RTO Officer) बनने के लिए अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 30 के मध्य होनी आवश्यक है | इसके अतिरिक्त OBC वर्ग के अभ्यर्थियों को इस पद के लिए 3 साल तक की छूट प्रदान की जाती है, वहीं SC/ST के आवेदकों को 5 साल की छूट प्रदान करने का नियम बनाया गया है |

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आरटीओ ऑफिसर बनने हेतु परीक्षा पैटर्न (RTO Officer Exam Pattern)

आरटीओ (RTO) ऑफिसर बनने हेतु अभ्यर्थियों  के लिए राज्य सरकार द्वारा PSC (पब्लिक सर्विस कमीशन) परीक्षा का आयोजन किया जाता है, जिसमें अभ्यर्थियों को अच्छी रैंक के साथ परीक्षा में सफलता प्राप्त करना होता है |आरटीओ परीक्षा को तीन चरणों में विभाजित किया गया है।

  1. लिखित परीक्षा |
  2. फिजिकल फिटनेस टेस्ट |
  3. साक्षात्कार |

लिखित परीक्षा (Written Exam)

पहले चरण में अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा में शामिल होना होता है, जिसमें अभ्यर्थियों से कुल 200 अंक हल करने होते है, जिसके लिए अभ्यर्थियों को 2 घंटे का समय प्रदान किया जाता है। इसमें अभ्यर्थियों से निम्न विषयों के प्रश्न पूछे जाते है, जिनकी जानकारी कुछ इस प्रकार से है-

  • राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वर्तमान घटनाक्रम (National And International Current Events)
  • भारत का इतिहास (History Of India)
  • भूगोल (Geography)
  • आर्थिक और सामाजिक विकास (Economic And Social Development)
  • पर्यावरण और पारिस्थितिकी (Environment And Ecology)
  • सामान्य विज्ञान (General Science)
  • अंग्रेजी भाषा (English Language)

फिजिकल फिटनेस टेस्ट (Physical Test)

दुसरे चरण में अभ्यर्थियों को फिजिकल फिटनेस टेस्ट में शामिल होना होता है। इसमें अभ्यर्थी के शरीर की अच्छे से जांच की जाती है, क्योंकि इस पद के लिए शारीरिक  रूप से अभ्यर्थी का फिट रहना आवश्यक है।

इंटरव्यू (Interview)

लिखित परीक्षा और फिजिकल फिटनेस टेस्ट में सफलता प्राप्त कर लेने के बाद अभ्यर्थियों को तीसरे चरण में इंटरव्यू देना होता है , जिसमें अभ्यर्थी को सामने बैठाकर बुद्धि, क्षमता, मूल्यों और गुणों को पहचानने का काम किया जाता है | इसके साथ ही इंटरव्यू के चलते अभ्यर्थियों को कुछ सवालों के उत्तर देने होते है | इसके बाद जो अभ्यर्थी इन तीनों चरणों की परीक्षा में सफल हो जाते है, तो उन अभ्यर्थियों को उनकी रैकिंग के मुताबिक RTO Officer पद के लिए नियुक्त लिया जाता है और जिसके बाद उन अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग के लिए भेज दिया जाता है |

आरटीओं (RTO) के कार्य (RTO Officer Works)

आरटीओ ऑफिसर को अनेको कार्यों की जिम्म्मेदारी सौंपी जाती है, जो इस प्रकार है:-

ड्राविंग लाइसेंस (Driving License)

आरटीओ ऑफिसर के पद पर कार्य करने वाले लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का कार्य करना होता है, जिसे करने की जिम्मेदारी RTO डिपार्टमेंट द्वारा सौंपी जाती है। इसके बाद  Driving License प्राप्त करने वाले ड्राइवर से कुछ टेस्ट कराए जाते है, जिन्हें पास करने के बाद ही आरटीओ ऑफिसर की तरफ से उस ड्राइवर को लाइसेंस प्रदान कर दिया जाता है |

पल्यूशन टेस्ट (Pollution Test)

एक RTO ऑफिसर को गाड़ियों के प्रदूषण स्तर का परीक्षण करने की भी जिम्मेदारी दी जाती है | इसके बाद यदि कोई वाहन पूर्ण रूप से दुरस्त नहीं है, और उससे अधिक प्रदूषण निकलता है, तो तुरंत ही आरटीओ ऑफिसर उसका लाइसेंस रद्द कर देता है |

इन्शुरन्स (Insurance)

जो लोग अपनी गाडियों का बीमा यानि इन्शुरन्स कराते है, वह इस काम को करवाने के लिए सीधे आरटीओ ऑफिस ही जाते है, क्योंकि इस काम को भी RTO ऑफिस में ही किय जाता है। 

आरटीओ ऑफिसर की सैलरी (RTO Officer Salary)

एक आरटीओ अधिकारी को उसकी पोस्ट के मुताबिक़ सैलरी प्रदान की जाती है, जिसके अनुसार इसमें काम करने वाले प्रत्येक ऑफिसर को अलग-अलग सैलरी प्राप्त होती है|वैसे तो एक आरटीओ ऑफिसर को शुरुआती दौर के अनुसार प्रतिमाह 20,000 से 40,000 रूपये सैलरी के तौर पर प्रदान की जाती है | 

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