डीएलएड (D.EL.ED) क्या होता है | कोर्स | फीस | पाठ्यक्रम | पूरी जानकारी

डी एल एड (D.EL.ED) क्या होता है

एक शिक्षक का कार्य बहुत ही जिम्मेदारी का कार्य होता है, क्योंकि शिक्षकों द्वारा दिए गये मार्गदर्शन से ही बच्चे के उज्जवल भविष्य का निर्माण होता है| इसलिए हमारे देश में गुरु अर्थात शिक्षक को ही सर्वोपरि माना गया है| शिक्षक का कार्य जहाँ एक तरफ जिम्मेदारियों से भरा होता है, वही दूसरी तरफ सबसे अधिक सम्मान भी शिक्षकों को ही प्राप्त होता है| हमारे देश में बहुत से ऐसे छात्र है, जो शिक्षक बनना चाहते है| यदि आप भी स्कूल में टीचर बनने की चाह रखते हैं और आपके पास इसके लिए जरूरी डिग्री और अनुभव नहीं है। तो आप डीएलएड की डिग्री हासिल कर अपने सपने को पूरा कर सकते हैं। डी एल एड (D.EL.ED) क्या होता है ? इसके बारें में आपको यहाँ पूरी जानकारी दे रहे है|

डी एल एड क्या होता है (What Is DELED)

उत्तर प्रदेश में पहले डी.एल.एड को बीटीसी कहते थे। अब 2017 से बीटीसी को डी.एल.एड कोर्स के नाम से जाना जाता है। डीएलएड का फुल फार्म डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (Diploma in Elementary Education) है| डीएलएड कोर्स 2 वर्षों का होता है, जिसमें 4 सेमेस्टर होते हैं। डीएलएड कोर्स करनें वाले अभ्यर्थी प्राइमरी स्तर अर्थात कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को शिक्षा प्रदान करनें के लिए योग्य मानें जाते है| डीएलएड कोर्स के दौरान आपको यह सिखाया जाता है, कि बच्चों को कैसे सिखाना है, किस ढंग से पढ़ाना है, बच्चों को पढ़ाने की नई तकनीक क्या है? कहनें का आशय यह है कि इस कोर्स के अंतर्गत आपको पढ़नें के लिए पूरी तरह से प्रशिक्षित किया जाता है| डीएलएड करने के बाद आपको TET या CTET की परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है|

डी एल एड कोर्स हेतु शैक्षिक योग्यता (Educational Qualification)

डीएलएड कोर्स करनें के लिए आपको किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं की परीक्षा साइंस, आर्ट, कामर्स में से किसी एक विषय से कम से कम 50% अंको से पास होना चाहिए|

यदि 12वीं में आप के अंक  50% से कम है, तो इस कोर्स में प्रवेश के लिए NIOS आपको इंप्रूवमेंट का अवसर भी देता है और आप डीएलएड में एडमिशन के बाद आप सीनियर सेकेंडरी 12वीं की परीक्षा के विषय में एडमिशन भी ले सकते हैं और अपना अंक बेहतरीन कर सकते हैं

डी एल एड कोर्स हेतु आयु सीमा (Age)

डीएलएड में प्रवेश हेतु न्यूनतम आयु 17 से 18 साल तथा अधिकतम आयु 34 से 35 वर्ष है| आरक्षित वर्ग के अंतर्गत छात्रों को नियमानुसार छूट दी जाती है|

डी एल एड प्रवेश प्रक्रिया (Admission Process)

प्रतिवर्ष राज्य सरकार द्वारा डी एल एड कोर्स में प्रवेश हेतु मार्च से लेकर मई महीने तक आवेदन की मांग की जाती है | डी.एल.एड में प्रवेश के लिए चयन प्रक्रिया मेरिट लिस्ट के आधार पर और कट ऑफ मार्क्स पर होती है। प्रवेश हेतु एक मेरिट जारी की जाती है इस मेरिट में अंकों के अनुसार प्रत्येक अभ्यर्थी को एक रैंक जारी की जाती है | इस रैंक के आधार पर ही कॉउंसलिंग का आयोजन किया जाता है |

अच्छी रैंक प्राप्त करनें वाले अभ्यर्थियों को कॉलेज चयन करना का अवसर पहले प्रदान किया जाता है| इसके बाद बची सीटों पर कम अच्छी रैंक वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश प्राप्त करने का अवसर दिया जाता है | सामान्यतः अच्छी रैंक वाले अभ्यर्थियों से ही सरकारी सीट फुल हो जाती है | इसके बाद कम रैंक अच्छी वाले अभ्यर्थियों को प्राइवेट कॉलेज में प्रवेश लेना पड़ता है |

डी एल एड कोर्स फीस (Course Fees)

यदि आप किसी सरकारी कालेज से डी. एल. एड करते है, तो आपको डीएलएड कोर्स फीस न्यूनतम 10200 रूपये देनी होगी और यदि आप किसी प्राइवेट कॉलेज से करते हैं, तो आपको डीएलएड कोर्स फीस न्यूनतम 41 हजार रूपये के करीब भरनी पड़ सकती है। अलग-अलग कॉलेज के लिए डीएलएड कोर्स फीस अलग-अलग भी हो सकती है।

डी एल एड कोर्स अवधि (DELED Course Duration)

डी एल एड कोर्स की अवधि 2 वर्ष निर्धारित की गयी है| इस कोर्स को 4 सेमेस्टर में विभाजित किया गया है | अभ्यर्थी को प्रत्येक सेमस्टर में उत्तीर्ण होना आवश्यक है पूरा सेमस्टर बैक होने पर उसे अगले सेमस्टर में भाग लेने का अवसर प्रदान नहीं किया जाता है |    

डी एल एड सिलेबस (DELED Syllabus)

डी एल एड के सम्पूर्ण पाठ्यक्रम को 4 सेमेस्टर में विभाजित किया गया है, जिसका पाठ्यक्रम इस प्रकार है-

 प्रथम वर्ष का सिलेबस (First Year Syllabus)

  • शिक्षा और शिक्षण के सिद्धांत (Education and principles of teaching)
  • बाल विकास का मनोवैज्ञानिक आधार (The psychological basis of Child Development)
  • शिक्षण विषय- हिंदी, पर्यावरण अध्ययन, सामाजिक अध्ययन, गणित, संस्कृत / उर्दू, अंग्रेजी। (Teaching subject: Hindi, Environmental Studies, Social Studies, Mathematics, Sanskrit/Urdu, English)
  • संज्ञानात्मक पहलू- नैतिक शिक्षा, शारीरिक शिक्षा और संगीत, कला (Cognitive Aspects: Moral Education, Physical Education, and Music, Art)
  • साइको-मोटर पहलू- कक्षा शिक्षण, पाठ्यक्रम विश्लेषण। (Psycho-Motor Aspect: Class Teaching, Curriculum Analysis.)
  • मैक्रो टीचिंग। (Macro teaching)

दूसरे वर्ष का सिलेबस (Second Year Syllabus)

  • प्राथमिक के उभरते रुझान- शिक्षा और शिक्षा मूल्यांकन, स्कूल प्रबंधन, सामुदायिक शिक्षा और स्वास्थ्य शिक्षा। (Emerging Trends of Elementary: Education and Education Evaluation, School Management, Community Education and Health education.)
  • शिक्षण विधियां, कार्य अनुभव, और प्रासंगिक व्यावहारिक कार्य: हिंदी, पर्यावरण शिक्षा, विज्ञान, सामाजिक अध्ययन, गणित, SUPW, संस्कृत / उर्दू, अंग्रेजी (Emerging Trends of Elementary: Education and Education Evaluation, School Management, Community Education and Health education.)
  • संज्ञानात्मक पहलू- शारीरिक शिक्षा और संगीत (Cognitive Aspects: Physical education and music)
  • साइकोमोटर पहलू- कक्षा शिक्षण, स्कूल अनुभव (इंटर्नशिप) सामुदायिक कार्य और कार्य अनुसंधान, पाठ्यचर्या और पाठ्यपुस्तक का विश्लेषण (Psychomotor aspect: classroom teaching, school experience (internship) Community work and Action research, Analysis of Curriculum and textbook)
  • अभ्यास शिक्षण, इंटर्नशिप, प्रासंगिक व्यावहारिक कार्य। (Practice Teaching, Internship, Relevant Practical work.)
  • स्कूल का अनुभव, स्कूल प्रबंधन (School Experience, School Management)
  • शिक्षण विधियाँ, पाठ्य पुस्तक विश्लेषण आदि, कार्य अनुभव (Teaching Methods, Text Book Analysis etc, Work Experience)

शिक्षक पात्रता परीक्षा (Teacher Eligibility Test)

पहले सिर्फ डी एल एड कोर्स उत्तीर्ण करने के बाद ही अभ्यर्थी को शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल कर लिया जाता था, परन्तु कुछ जांचों के उपरांत राष्‍ट्रीय अध्‍यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को यह जानकारी प्राप्त हुई की भर्ती प्रक्रिया में योग्य शिक्षकों की भर्ती नहीं हो पा रही है |

योग्य शिक्षकों को प्राप्त करने के लिए एनसीटीई के द्वारा डी एल एड पास छात्रों में से योग्य शिक्षकों को चुनने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा को सम्मिलित कर लिया गया | वर्तमान समय में शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात ही भर्ती प्रकिया के लिए आवेदन किया जा सकता है|