वोटों की गिनती कैसे होती है | Voting Process In Hindi | मतदान प्रक्रिया की पूरी जानकारी

वोटों की गिनती (Voting Process)

चुनाव प्रक्रिया का अंतिम चरण मतगणना है, मतगणना के बाद ही प्रत्याशी की जीत और हार का निर्णय किया जाता है |जीते हुए सभी प्रत्याशी मिलकर सरकार का निर्माण करते है | चुनाव के समय अचार संहिता लागू रहती है, जिससे प्रशासनिक निर्णय लेने की शक्ति चुनाव आयोग के पास रहती है | जब सभी चरणों के मतदान संपन्न हो जाते है, उसके बाद एक नियत तिथि को मतगणना कराई जाती है, इस पेज पर वोटो की गिनती या मतगणना करने के विषय में बताया जा रहा है |

वोटो की गिनती या मतगणना की प्रक्रिया

  • चुनाव आयोग द्वारा एक निर्धारित तिथि को वोटो की गिनती या मतगणना शुरू की जाती है |
  • मतगणना शुरू करने से पहले सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाती है | सभी ईवीएम मशीन को बहुत ही सुरक्षित तरीके से मतगणना स्थल तक पहुँचाया जाता है |
  • मतगणना शुरू होने का समय सुबह 8 बजे से होता है, लेकिन निर्वाचन आयोग इसमें अपनी सुविधा के अनुसार परिवर्तन कर सकता है |
  • जिस दिन वोटो की गिनती होनी होती है उस दिन मतगणना स्थल पर सुबह 7 से 8 बजे के बीच सम्बंधित कर्मचारी और एजेंटो को प्रवेश दिया जाता है |
  • प्रत्येक घंटे में 4 से 6 राउंड  की काउंटिंग होती है, जिस सीट पर कम राउंड होते है वहां पर मतों की गिनती सबसे पहले समाप्त होती है |
  • सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जाती है, इसकी गिनती शुरू करने के लिए इसे पोस्टल बैलेट टेबल पर भेजा जाता है | पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू होने के आधे घंटे के बाद ईवीएम की गिनती शुरू की जाती है |
  • ईवीएम को स्ट्रांग रूम से काउंटिंग टेबल पर लाया जाता है | एक बार में अधिकतम 14 ईवीएम की गिनती शुरू की जाती है, इसके लिए 14 काउंटिंग टेबल की व्यवस्था पहले ही की जाती है |
  • वोटों की गिनती शुरू करने से पहले अधिकारियों द्वारा ईवीएम की जाँच की जाती है, जिससे यह पता चलता है कि ईवीएम में किसी भी प्रकार की छेड़-छाड़ तो नहीं की गयी है, जब अधिकारी पूरी तरह से संतुष्ट हो जाते है इसके बाद ही मतगणना शुरू की जाती है |
  • मतगणना से जुड़े सुपर वाइजर एजेंटो को जानकारी देते है कि वह किस प्रकार ईवीएम बटन दबाकर उम्मीदवारों द्वारा दी गयी मतों की संख्या को देख सकते | 
  • कर्मचारियों द्वारा दी गयी वोटों की कुल संख्या को चुनाव अधिकारी रिजल्ट बटन दबाकर देखते है |  कर्मचारी उम्मीदवार द्वारा डाली गयी वोटो को गिनकर एवं लिख कर रिटर्निग ऑफिसर्स को भेज देता है |
  • पहले चरण की  प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतगणना कर्मचारी सारी जानकारी रिटर्निग ऑफिसर्स को दे देते जिसके बाद परिणाम की घोषणा की जाती है |
  • हर चरण की मतगणना की जानकारी मुख्य चुनाव अधिकारी को दी जाती है, इसके बाद  चुनाव के सर्वर पर डाटा फीड कर दिया जाता है | 
  • प्रत्येक राउंड के बाद ईवीएम डाटा तथा शीट के डाटा से मिलान किया जाता है | रिटर्निग ऑफीसर और प्रत्याशी के एजेंडो को भी डाटा की जानकारी प्रदान की जाती है | यह प्रक्रिया  तब तक चलती रहती है जब तक मतगणना समाप्त नहीं होती है |    

वोटों की गिनती कौन करता है

केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के कर्मचारी वोटों की गिनती करते है , मतगणना होने से पहले इन कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है , इन कर्मचारियों को संबंद्धित विधानसभा छेत्र में 24  घंटे के लिए भेजा जाता है |  इन कर्मचारियों को सुबह 5 बजे से शाम 6  बजे तक टेबल पर बैठना होता है, यही कर्मचारी वोटों की गिनती करते और इसकी रिपोर्ट अपने रिटर्निंग ऑफीसर को देते है | मतगणना पूरी होने के बाद परिणाम की घोषणा की जाती है |