सुपर ओवर (Super Over) क्या है | क्रिकेट में सुपर ओवर कब होता है | नियम | पूरी जानकारी

सुपर ओवर (Super Over) से संबंधित जानकारी

क्रिकेट एक अंतराष्ट्रीय स्तर का खेल है, जो भारत देश के साथ-साथ अन्य देशो में भी लोकप्रिय है| अंतराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेल का आयोजन तथा प्रबंधन आईसीसी तथा अंतरास्ट्रीय क्रिकेट परिषद् करती है| समय के साथ-साथ क्रिकेट के खेल को और बेहतर बनाने के लिए क्रिकेट के नियमो में परिवर्तन आईसीसी के द्वारा होता रहता है, नयी तकनीक का प्रयोग कर इस खेल को और अधिक रोमांचकारी बनाने का प्रयास किया जाता है| क्रिकेट की सभी प्रतियोगिताओ का आयोजन आईसीसी के द्वारा किया जाता है जिसके अंतर्गत कई प्रकार के मैच का आयोजन किया जाता है| जैसे एक दिवसीय क्रिकेट मैच, टेस्ट मैच, विश्व कप, और टी20 शृंखला का आयोजन किया जाता है |

इसके अलावा अनेक घरेलू मैच भी आयोजित होते रहते हैं। क्रिकेट मैचों में सबसे मुख्य प्रतियोगिता वर्ल्ड कप है क्रिकेट मैच को अधिक गुणवत्ता प्रदान करने के उद्देश्य से टी20  में सुपर ओवर का नियम सम्मिलित किया गया है| इस नियम का प्रयोग क्रिकेट मैच टाई होने की दशा में किया जाता है क्रिकेट मैच में विजेता टीम की जीत का निर्णय सुपर ओवर के आधार पर किया जाता है| आज इस पृष्ठ में “सुपर ओवर (Super Over) क्या है?,क्रिकेट में सुपर ओवर कब होता है तथा नियम” के विषय में सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई गयी है|

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सुपर ओवर (Super Over) क्या है?

टी20 क्रिकेट मैच में दोनों टीमों के मध्य टाई होने की अवस्था में दोनों टीमों के द्वारा एक-एक अतिरिक्त ओवर का मैच खेला जाता है, खेल में विजयी टीम का निर्धारण इस ओवर के अंतर्गत बनाये गए रनो के आधार पर किया जाता है| इस ओवर में छह गेंद होती है, इसे सुपर ओवर कहते है| यदि सुपर ओवर खेलने के बाद भी मैच टाई हो जाता है, तब विजेता टीम का निर्धारण पारी में खेले जाने पर प्राप्त किये गए अधिक चौके के आधार पर किया जाता है, जिस टीम ने अधिक चौके लगाए होते है, उसे विजेता घोषित कर दिया जाता है |

सुपर ओवर का प्रारम्भ

आईसीसी के द्वारा सुपर ओवर का नियम वर्ष 2008 में बनाया गया था | सुपर ओवर का यह नियम केवल टी ट्वेंटी क्रिकेट मैच पर वर्ष 2008 में लागू किया गया था इसके बाद सुपर ओवर का नियम वर्ष 2011 में एकदिवसीय क्रिकेट मैच में भी लागू कर दिया गया| सुपर ओवर से पहले मैच की हार और जीत का निर्धारण “बॉल आउट” नियम के अंतर्गत बॉल द्वारा विकेट गिराकर किया जाता था|

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विश्व कप 2019 में सुपर ओवर के नियम में परिवर्तन

क्रिकेट विश्व कप के इतिहास पहली बार घटित हुआ जिसमे फाइनल मैच के साथ-साथ सुपर ओवर भी टाई हो गया दोनों टीमों के बीच, सुपर ओवर के नियम द्वारा मैच का निर्णय न होने की दशा में आईसीसी के नियमानुसार जिस टीम के द्वारा अधिक चौके लगाए गए उसे विजेता घोषित कर दिया गया दोनों टीमों के अच्छे प्रदर्शन के कारण विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गयी, जिसके फलस्वरूप आईसीसी की समिति बैठक के द्वारा सुपर ओवर के नियम में परिवर्तन किया गया, नए नियम के अनुसार दोनों टीम के बीच टाई होते की दशा में सुपर ओवर तब तक खेला जायेगा जब तक कोई एक टीम अधिक रन बनाकर विजेता नहीं हो जाती है| जिससे स्पष्ट रूप से परिणाम निश्चित हो जाये और विवाद की स्थिति न उत्पन्न हो|

सुपर ओवर के नियम (Rules Of Super Over)

  • सुपर ओवर का प्रयोग मैच टाई होने की दशा में आयोजित किया जाता है|
  • सुपर ओवर में एक टीम की ओर से अधिकतम तीन खिलाड़ी भाग ले सकते है, जिसमे केवल 2 विकेट निर्धारित किये गए है | इसके अलावा जो टीम में बाद में बल्लेबाजी करती है, वह सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी करती है |
  • प्रत्येक टीम को जीतने के लिए एक ओवर खेलने के लिए दिया जाता है|
  • एक खिलाड़ी के द्वारा बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों काम नहीं किये जा सकते है|
  • सुपर ओवर के खेल में किसी भी टीम के 2 विकेट गिरते ही पारी समाप्त हो जाती है|
  • यदि डकवर्थ लुईस नियम हुआ तो जो टीम “सुपर ओवर” की आखिरी गेंद पर ज्यादा रन बनाती है वह मैच जीत जाती है|
  • गेंदबाजी करने वाली टीम के द्वारा चुना जाता है, कि किस “छोर” से गेंदबाजी करनी है|
  • सुपर ओवर खेलने में बनाये गए रन और विकेट रिकॉर्ड में नही जोड़े जाते हैं|

आज इस प्रष्ठ पर आपको सुपर ओवर के विषय में बताया गया, अब उम्मीद हैं कि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी|

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