ई गन्ना एप्प क्या है | E Ganna App ऑनलाइन पोर्टल (www.caneup.in) से जानकारी कैसे चेक करे

ई गन्ना एप्प (E Ganna App) ऑनलाइन पोर्टल

गन्ना किसानो की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए  उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री ने “ई-गन्ना” (E-Ganna) ऐप जारी किया है |  इस ऐप के जरिये उत्तर प्रदेश के किसानो को गन्ने से सम्बंधित जानकारी जैसे गन्ना बेचने, बेसिक कोटा, गन्ने की सरकारी सूचनाएं, गन्ने की पर्ची, गन्ने के निर्गमन और बिक्री की सभी जानकारी इस ऐप पर पर उपलब्ध कराई गई है, जिसमे किसान इस एप को डाउनलोड करके गन्ना से रिलेटेड सभी जानकारी किसानो को आसानी से प्राप्त हो सकेंगी | इस ऐप के जरिये किसानों को गन्ने की तौल में पारदर्शिता आयेगी और कालाबाजारी से मुक्ति मिलेगी|

ई गन्ना ऐप के माध्यम से किसान मोबाइल पर घर बैठे ही सभी जानकारी प्राप्त कर सकते है  इससे  किसानों को हर छोटी जानकारी हेतु समिति कार्यालय  के चक्कर नही लगाने पड़ेंगे| किसानो की सुविधा के लिए सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम बहुत अधिक महत्वपूर्ण है | यदि आप भी ई गन्ना एप्प क्या है, E Ganna App ऑनलाइन पोर्टल (www.caneup.in) से जानकारी कैसे चेक करे, इसके विषय में जानना चाहते है तो यहाँ पर इसके विषय में सम्पूर्ण जानकरी दी जा रही है |

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ई-गन्ना (E-Ganna) एप क्या है?               

गन्ना किसानो के विकास और उनकी समस्याओं के समाधान हेतु   राज्य सरकार ने एक अच्छा कदम उठाते हुए, ई- गन्ना ऐप का शुभारम्भ किया गया है | यह www.caneup.in वेब पोर्टल है तथा ई-गन्ना ऐप के माध्यम से किसानो को गन्ने की बिक्री, गन्ना सर्वेक्षण, बेसिक कोटा, सट्‌टा, किसानो को प्राइमरी कैलेंडर और फाइनल कैलेंडर (2019-2020) तथा पर्चियों की स्थिति एवं  मिलो में गन्ने का वजन होने के पश्चात मिलने वाली पर्ची आदि का पूरा विवरण इसके द्वारा आसानी से जान सकेंगे | यह एप ई-गन्ना विभाग की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर या फिर मोबाइल पर डाउनलोड किया जा सकता है, ई-गन्ना ऐप एक मोबाइल एप है |

गन्ना ऐप के लाभ

1.गन्ना किसान इस ई गन्ना ऐप के द्वारा आत्मनिर्भर बनेगा |

2.गन्ना की कालाबाजारी करने वाले लोगो से और बिचौलियों से छुटकारा मिलेगा |

3.चीनी मिलो पर किसान निर्भर नहीं रहेंगे, और चीनी कार्यालयों और समितियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे |

4.मिलों के मालिकों का अनावश्यक किसी प्रकार का हस्ताक्षेप नही रहेगा |

6.पर्चियों की कालाबाजारी पर रोकथाम होगी, और किसानों को गन्ने का उचित मूल्य मिल पायेगा|

7.किसान गन्ने की बिक्री और दूसरी सूचनाओं के विषय में ऑनलाइन जानकारी प्राप्त कर पाएंगे|

8.अधिक पैदावार के लिए किसान किस प्रजाति के गन्ने की बुआई करे इस तरह की भी जानकारी प्राप्त हो सकेंगी |

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caneup.in वेबसाइट पर लॉगिन कैसे करे

ई -गन्ना एप (E-Ganna App) को किसानो के द्वारा अपने मोबाइल फ़ोन पर डाउनलोड (download) किया जा सकता है, मोबाइल फ़ोन में गूगल प्ले स्टोर एप्लीकेशन में जाकर ई-गन्ना ऐप (E Ganna App) को डाउनलोड कर सकते है | इसके अलावा इससे सम्बन्धित अन्य जानकारी caneup.in अधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करके प्राप्त कर सकते है |इसके पश्चात  जिस तरह की आप जानकारी प्राप्त करना चाहते है उससे सम्बन्धित ऑप्शन पर क्लिक करें, अब मांगी गई जानकारी को सही – सही भरें | इसके बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या बैंक खाता नंबर तथा अन्य  जानकारी को भरना होगा | अब आपके समक्ष जो जानकारी प्राप्त करना चाहते है वह खुलकर आ जाएगी  |

ई –गन्ना एप डाउनलोड कैसे करे

इस एप को डाउनलोड करने के लिए सर्वप्रथम आपको गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) में जाना होगा |

अब आपको इसमें “E Ganna App” डालना होगा |

अब इंस्टाल आप्शन पर क्लिक करना होगा |

अब आपके सामने एप ओपन होकर आ जायेगा |

अब भाषा का चयन करना होगा, या फिर जानकारी से सम्बन्धित अन्य आप्शन का विकल्प चुनना होगा |

इस तरह से आपका एप शुरू हो जायेगा |

अब इसमें आपसे नजदीकी गन्ना समिति की जानकारी को  एप में डालना होगा ।

अब आप आसानी से गन्ना सम्बन्धी सभी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे |

शिकायत कहा करे

गन्ना किसानो की शिकायतों को हल करने के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया गया है जिसके द्वारा किसान अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है या सलाह भी ले सकते है | गन्ना किसान इस फोन नंबर पर 0522-4107301 पर सर्वेक्षण संबन्धी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं|

मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने किसानो की सुविधा के लिए ई गन्ना ऐप का शुभारम्भ किया है ताकि कम से कम 50 लाख किसानों इस ऐप के द्वारा लाभ प्राप्त हो सके अब तक लगभग 28 लाख किसान इस ऐप से  जुड़ चुके है | साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अभी तक गन्ना किसानों की  पौने तीन हजार करोड़ रुपये की धनराशि जो बाकी  है, समय पर उसका भुगतान किया जाएगा। तथा  किसानों को  लाभ हो,  इसके लिए ई-गन्ना ऐप से इस प्रकार की  भी सुविधा दी जाएगी  | पहले उत्तर प्रदेश में केवल 20.52 हेक्टेयर क्षेत्र  में गन्ना बोया जाता था, लेकिन आज 28 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ना बोया जा रहा है| इस प्रकार मुख्यमंत्री जी ने ई-गन्ना ऐप लागू कर के गन्ना किसानो को बड़ी राहत प्रदान की है |

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